पुरानी T-शर्ट को 2 हजार डॉलर में बेचकर पिता को किया था खुश, माइकल जॉर्डन ऐसे बने गरीब से अरबपति

New Delhi: अगर कुछ कर दिखाने की ठान लो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है. बास्केटबॉल के भगवान कहे जाने वाले माइकल जॉर्डन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. जो आपके नजरिए को बदल कर रख देती.  माइकल एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो झुग्गी में रहते थे. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी.. उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बचपन की कहानी सुनाई थी, जो आपको जरूर मोटिवेट करेगी…

17 फरवरी 1963 को न्यूयॉर्क में जन्में माइकल जॉर्डन ने अपने दम पर गरीबी से अरबपति बनने का सफर तय किया.  वह बेहद गरीब परिवार से आते थे. उनका एक छोटा सा घर था. लेकिन इस छोटे से घर से शुरू हुआ उनका सफर अरबपति बनाकर रहा..उनका घर छोटा जरूर था, लेकिन सोच बहुत बड़ी थी. माइकल किसी भी काम को करने के लिए ना नहीं बोलते थे, वह उस काम को कैसे किया जाए इस बात पर फोकस करते थे.

माइकल जॉर्डन एक बास्केटबॉल खिलाड़ी थे. हालांकि, वो अब सन्यास ले चुके हैं. अब अमेरिका के एक जाने माने बिजनेसमैन हैं. माइकल की कहानी बहुत फेमस है. जब वह बच्चे थे तब उनके पिता ने उन्हें 1 डॉलर की बेकार टी शर्ट को 2 डॉलर में बेचने के बात कही. पिता की बात सुनकर माइकल ने ना नहीं कहा बल्कि वह सोचने लगे कि इतनी बेकार टीशर्ट को 2 डॉलर में कैसे बेचे?

उनका दिमाग दौड़ने लगा. उन्होंने बिना देरी किए तुरंत उस टीशर्ट को धोया, प्रेस नहीं था तो ढेर सारे कपड़ों के नीचे दबा दिया. अब टीशर्ट बिल्कुल नई लग रही थी. वह उस टीशर्ट को मार्केट ले गए और बड़ी मशक्कत के बाद 2 डॉलर में बेचकर ही घर आए. पिता खुश होकर फिर एक टीशर्ट दी और उसे 20 डॉलर में बेचने की चुनौती दी. माइकल ने सोचा पहले इसे 20 डॉलर लायक बनाना होगा. माइकल ने उस प्लेन टी शर्ट में मिकी माउस का स्टीकर लगाया और एक स्कूल के बाहर चले गए, जहां अमीर घराने के बच्चे पढ़ते थे.

उस स्कूल के बाहर एक बच्चे को मिकी माउस वाली टीशर्ट पसंद आ गई, उसने अपने पापा से जिद की और फिर क्या था, माइकल को 20 नहीं बल्कि उस टीशर्ट के 25 डॉलर मिले. 20 डॉलर टीशर्ट के और 5 डॉलर टिप भी मिली.. माइकल खुशी-खुशी पिता के पास गए.. इसके बाद पिता ने फिर एक पुरानी शर्ट दी और उसे 200 डॉलर में बेचने कहा. माइकल का दिमाग घुम गया. उसने दिमाग लगाया और एक मशहूर एक्ट्रेस के कॉसर्ट में पहुंच गए. वहां जैसे तैसे घुसकर एक्ट्रेस का ऑटोग्राफ टीशर्ट पर लिया और मार्केट पहुंच गए.

मार्केट पहुंचकर उन्होंने एक्ट्रेस की ऑटोग्राफ वाली टीशर्ट दिखाई, जहां उसे खरीदने वालों का जमावड़ा लग गया. यही नहीं उस टीशर्ट को खरीदने के लिए लोगों ने बोलियां भी लगानी शुरू कर दी..तभी एक बिजनेसमैन ने कहा. इस टीशर्ट का मैं 2000 डॉलर दूंगा.. बस फिर क्या एक डॉलर की पुरानी टीशर्ट को माइकल ने 2 हजार डॉलर में बेचकर दिखाया. वह पिता के पास गए तो पिता के आंखों में आंसू आ गए. उन्होंने कहा अब तुम जिंदगी में कुछ भी कर सकते हो. और वही हुआ माइकल जॉर्डन दुनिया के पहले ऐसे  अरबपति खिलाड़ी बने.

माइकल ने नेशनल बास्केटबाल एसोसिएशन के जरिये दुनिया भर में बहुत नाम कमाया.. माइकल क खेल करियर में एक वक़्त ऐसा भी आया जब माइकल ने बास्केटबॉल से हट कर बेसबाल में रूचि दिखाई लेकिन फिर उन्होंने बास्केटबाल को ही अपने व्यावसायिक खेल के तौर पर आगे बढाया. 1997-1998 में माइकल ने अपने खेल से सन्यास ले लिया..अंत में 2003 में माइकल ने खेल को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया…माइकल एक खिलाडी तो है ही साथ ही वे एक सफल उद्यमी भी है वे चार्लोट बोब्कट्स नमक कंपनी के मालिक भी हैं.

 

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