लांस नायक सलीम खान ने निभाया घर आने का मां से किया वादा,लेकिन घर पहुंचे भी तो तिरंगे में लिपटकर

New Delhi: बेटे को खोने का गम सिर्फ वो समझ सकता है जिसने अपना बेटा खोया हो. एक बार फिर एक मां ने अपने लाडले को खो दिया. वहीं, मां भारती ने भी ना जाने अपने कितने हजारों बेटों को अपनी सुरक्षा करते हुए खोया है.

सरहद पार हमारे जवान सुरक्षा में तैनात रहते हैं. वो ना तो छुट्टी लेकर घर आ पाते हैं, और ना ही परिवार के साथ खुशियां मना पाते हैं. इन जवानों की खुशी तो मां भारती की रक्षा करने में है.

सेना के जवान देश की रक्षा में अपना कर्तव्य निभाते हैं लेकिन परिवार से किया वादा भी निभा नहीं पाते हैं. निभाते भी हैं तो घर तिरंगे में लिपटकर पहुंचते हैं. पंजाब के पटियाला के रहने वाला लांस नायक सलीम खान के साथ भी वही हुआ. वह भी लद्दाख में श’हीद हो गए.

यहां देखें वीडियो-

सलीम खान 58 इंजीनियर रेजीमेंट में तैनात थे. सलीम अपनी मां से वादा किए थे कि जल्द ही छुट्टी लेकर घर आएंगे और मां को वो सारी खुशियां देंगे, जिससे वह अब तक दूर थीं. कभी भी पिता की कमी महसूस नहीं होने देंगे. लेकिन क्या पता था कि बेटा एक दिन इस तरह घर आएगा और सबको रुला जाएगा.

बेटे की श’हादत की खबर जैसे ही मां को लगी वह रोने-बिल’खने लगी. वह एक ही बात कह रही हैं- मेरे सिम्मा को मेरे पास वापस लाओ. लेकिन अब उनका बेटा उनसे लाखों मील दूर जा चुका है.  लांस नायक सलीम खान को पूरे राजकीय व सैन्य सम्मान और नमाज-ए-जनाजा अदा करने के बाद गांव के कब्रिस्तान में सलीम खान के पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया गया.शहीद के ताबूत पर लिपटा तिरंगा झंडा शहीद की मां को सौंपकर सैल्यूट किया.

दरअसल, शहीद सलीम खान श्योक नदी में किश्ती के जरिए भारतीय फौज के ऑपरेशन बचाव कार्यों के लिए रस्से लगाने के काम में जुटी थी. इसी दौरान सलीम खान की किश्ती पलट गई और वह शहीद हो गए.

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