दर्जी की बेटी ने 12वीं यूपी बोर्ड किया टॉप, एपीजे अब्दुल कलाम को मानती है अपना रोल मॉडल

New Delhi: मेहनत से ही जिंदगी की हर मुश्किलें आसान हो जाती है और कामयाबी हमारे कदम चूमती है। फिर हम अमीर हो या गरीब… इससे सफलता को कोई लेना-देना नहीं होता।

इसका अच्छा उदाहरण है असमा अंसारी की कहानी, असमा अंसारी ने बारहवीं यूपी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत नंबर लाकर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। असमा के रिजल्ट को देख घर में खुशी का माहौल है। वहीं इलाके के लोग जमकर वाहवाही कर रहे है।

असमा अंसारी के चार भाई-बहन है। उनके पिता मोहम्मद अनीस अंसारी एक टेलर है, वहीं मां शबाना परवीन गृहिणी हैं। परिवार में चल रही आर्थिक परेशानियों के कारण असमा के भाई-बहन बचपन से नानी के घर में रहे। एक पिता की ख्वाहिश होते है कि उनके बेटे पढ़-लिखकर काबिल बने।

इन्हीं ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए मोहम्मद अंसारी सऊदी अरब चले गए लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया तो कुछ महीनों पहले ही लौटकर वापस घर आ गए और कपड़ों की सिलाई कर घर का खर्चा चलाने लगे। ऐसे में असमा की कोचिंग क्लास का खर्च उठाना, परिवार के हालात के विपरीत जा रहा था।

लेकिन असमा ने हार नहीं मानी और 12वीं यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए सेल्फ स्टडी में जुट गई। अमसा सुबह 7 बजे से लेकर 12 बजे तक पढ़ाई करती। उन्होंने एक कमरे के अंदर किताबों के साथ खुद को बंद कर लिया था। असमा अपना रोल मॉडल पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को मानती है।

इसलिए हार मानना उसके व्यवहार में नहीं था। असमा ने खूब मेहनत की और हाईस्कूल में टॉप किया। असमा डॉक्टर बनना चाहती है और नीट की तैयारी कर रही है। अपने सपनों को पूरा करने के लिए असमा ने एक प्राइवेट कोचिंग सेंटर में बात की, लेकिन उनकी फीस लाखों में होने के कारण वो कोचिंग ज्वाइन नहीं कर पाएंगी। ऐसे में असमा ने सेल्फ स्टडी करने का फैसला लिया है।

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